उत्तराखंड में गुटका-पान मसाले पर एक साल की पाबंदी, उत्पादन से बिक्री तक प्रतिबंध
देहरादून। उत्तराखंड में जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटका, पान मसाला तथा ऐसे अन्य खाद्य उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड की ओर से 13 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी किया गया है। प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
कार्यालय आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड, देहरादून से जारी आदेश संख्या एफ०डी०ए०/गुटका प्रतिषेध/12/2012/11247 के तहत यह कार्रवाई की गई है। आदेश पर आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय के हस्ताक्षर हैं। इसके अनुसार प्रदेश में किसी भी नाम या ब्रांड से बेचे जाने वाले तंबाकू एवं निकोटिन युक्त गुटका, पान मसाला और संबंधित खाद्य उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण तथा बिक्री पर रोक रहेगी।
खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई
विभाग ने यह प्रतिबंध खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम, 2011 के विनियम 2.3.4 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2) के तहत लगाया है। नियमानुसार खाद्य उत्पादों में घटक के रूप में तंबाकू और निकोटिन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। वहीं, जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत ऐसे उत्पादों पर एक वर्ष तक प्रतिबंध लगाने का अधिकार है।
जिलाधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश
प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश की प्रतिलिपि मुख्य सचिव एवं सचिव (स्वास्थ्य), सभी जिलाधिकारियों, मुख्य चिकित्साधिकारियों, गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के संबंधित अधिकारियों तथा खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को भेजी गई है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिबंध का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने और बाजारों में निगरानी रखने को कहा गया है।
इसके अतिरिक्त, आदेश को राजपत्र में प्रकाशित कराने के लिए संबंधित विभाग को भी प्रतिलिपि भेजी गई है।
अवैध भंडारण और बिक्री पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित उत्पादों का अवैध भंडारण, वितरण या बिक्री पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गोदामों, थोक प्रतिष्ठानों, परचून की दुकानों और पान की दुकानों पर जांच के दौरान प्रतिबंधित सामग्री मिलने पर उसे जब्त किया जा सकता है तथा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा कानून के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के इस कदम का उद्देश्य तंबाकू और निकोटिन युक्त उत्पादों के प्रसार पर अंकुश लगाना तथा प्रदेश में जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।