पर्वतारोहियों के जज्बे और टीम भावना की मुख्यमंत्री ने की सराहना
देहरादून। मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम), उत्तरकाशी द्वारा संचालित चार सफल पर्वतारोहण अभियानों का फ्लैग-इन किया। इनमें जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स (जेआईएमएंडडब्ल्यूएस), पहलगाम के साथ संयुक्त रूप से संचालित माउंट एकांकागुआ अभियान भी शामिल रहा। मुख्यमंत्री ने सभी पर्वतारोहियों को सफल अभियानों के लिए बधाई देते हुए विषम उच्च पर्वतीय परिस्थितियों में उनके साहस, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और टीम भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहियों की उपलब्धियां उत्तराखंड समेत देशभर के युवाओं को साहसिक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेहरू पर्वतारोहण संस्थान ने पर्वतारोहण, साहसिक खेल, युवा विकास और उच्च हिमालयी प्रशिक्षण के क्षेत्र में देश और प्रदेश में महत्वपूर्ण पहचान बनाई है। संस्थान युवाओं को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने के साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों का सामना करने का आत्मविश्वास भी विकसित कर रहा है। माउंट एकांकागुआ अभियान का नेतृत्व कर्नल हेम चंद्र सिंह ने किया। एनआईएम और जेआईएमएंडडब्ल्यूएस के संयुक्त छह सदस्यीय दल ने 22 फरवरी 2026 को अर्जेंटीना स्थित 6,961 मीटर ऊंचे माउंट एकांकागुआ का सफल आरोहण किया। अभियान को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक से फ्लैग ऑफ किया था।
वहीं, एनआईएम के नुन-कुन अभियान-2026 का नेतृत्व संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल एस.एस. राजपुरोहित ने किया। दल ने 15 अगस्त को 7,077 मीटर ऊंची माउंट कुन चोटी पर तिरंगा फहराया। इसके बाद 26 अगस्त को 5,908 मीटर ऊंची माउंट डेल्टा-41 और 31 अगस्त को 7,135 मीटर ऊंची माउंट नुन चोटी पर भी सफल आरोहण किया। इस तरह अभियान दल ने एक ही अभियान के दौरान नुन-कुन पर्वत श्रृंखला की तीन चोटियों को फतह करने की उपलब्धि हासिल की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां पर्वतारोहण और साहसिक पर्यटन के लिए व्यापक संभावनाएं प्रदान करती हैं। ऐसे सफल अभियान प्रदेश की साहसिक पर्यटन की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने के साथ युवाओं को नए अवसरों से जोड़ने में भी सहायक हैं।
कार्यक्रम में विशेष प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण अमित कुमार सिन्हा, एनआईएम के प्रधानाचार्य कर्नल एस.एस. राजपुरोहित, जेआईएमएंडडब्ल्यूएस पहलगाम के प्रधानाचार्य कर्नल हेम चंद्र सिंह, कैप्टन जी. संतोष कुमार समेत एनआईएम के अधिकारी और विभिन्न पर्वतारोहण अभियानों के सदस्य मौजूद रहे।